CM हेमंत सोरेन ने एक महीने के भीतर दोबारा नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC)को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने राज्य के तीन नए मेडिकल कॉलेजों (हजारीबाग, दुमका और पलामू) में एडमिशन में लगी रोक को हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि राज्य के योग्य छात्रों के भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रोक को हटा दीजिए।
उन्होंने इस बाबत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से बात भी की है। पत्र की एक कॉपी CM ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर भी साझा किया है। इससे पहले छह नवंबर को भी उन्होंने NMC के चेयरमैन को पत्र लिखा था।
• राज्य के 255 विद्यार्थियों का हो सकता है एडमिशन
पत्र में उन्होंने सत्र 2020-21 में नये नामांकन नहीं लेने के निर्णय के संबंध में पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि राज्य के योग्य छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो, इसके लिए एनएमसी पुनर्विचार करे। NEETके रिजल्ट के बाद शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एक कॉलेज में 100 विद्यार्थियों का नामांकन होना है। इसमें 15 फीसदी सीटें केंद्र और 85 फीसदी सीटें राज्य के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित है। इस लिहाज से अगर एडमिशन शुरू हो जाता है तो राज्य के 255 विद्यार्थियों के मेडिकल की पढ़ाई के ख्वाब पूरे हो जाएंगे।
• क्यों लगी है रोक
इन कॉलेजों में सत्र 2019-20 में एडमिशन हुआ था। 2020-21 के एडमिशन पर NMC के सेक्रेट्री ने रोक लगा दी है। NMC का कहना है कि कॉलेजों में अभी बड़ी संख्या में एसोसिएट प्रोफेसर समेत अन्य जरूरी पदों पर नियुक्ति नहीं की गई है। जिसे राज्य सरकार को करना है। इसके साथ ही सचिव ने आधारभूत संरचनाओं की कमियों को भी एक बड़ा कारण बताया था। सरकार की तरफ से तीन महीने में इन कमियों को दूर कर लेने की बात कही गई थी लेकिन अभी तक ये दूर नहीं हो पाया है।

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