अगले साल फरवरी-मार्च से रांची के बिजली उपभोक्ताओं के घर पर स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर लगाया जाएगा। केंद्रीय एवं राज्य नियामक आयोग के दबाव के कारण जेबीवीएनएल ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले चरण में केवल 2.50 लाख रांची शहरी उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा। इसके बाद राज्य के अन्य शहरों एवं जिलों में इसका विस्तार किया जाएगा। उपभोक्ताओं को मीटर जेबीवीएनल लगाएगा। इसके लिए बिजली निगम विश्व बैंक के सहयोग से 250 करोड़ रुपए खर्च करेगा। चूंकि नियामक आयोग ने मीटर रेंट की वसूली पर रोक लगा दी है। इसलिए उपभोक्ताओं को इसके लिए एक रुपया अतिरिक्त नहीं देना होगा।
•नए मीटर के लिए उपभोक्ताओं को नहीं देना होगा कोई अतिरिक्त शुल्क
•पहले चरण में रांची शहरी क्षेत्र के 2.50 लाख उपभोक्ताओं को बदला जाएगा मीटर
रांची सर्किल में हैं साढ़े 5 लाख उपभोक्ता रांची सर्किल में रांची एवं खूंटी जिला शामिल है। इसमें कुल साढ़े पांच लाख उपभोक्ता हैं। इसमें शहरी शहरी क्षेत्र में 2.50 लाख उपभोक्ता हैं। शुरुआत में इन्हीं शहरी उपभोक्ताओं का मीटर बदला जाएगा।
•ऐसे समझें... क्या है प्रीपेड स्मार्ट मीटर
उपभोक्ताओं को बिजली इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल रिचार्ज की तरह प्रीपेड मीटर में पैसे डलवाने होंगे। पूरी व्यवस्था ऑनलाइन रहेगी। उपभोक्ता प्रीपेड मीटर के एलसीडी पैनल या अपने मोबाइल एप्लिकेशन में रियल टाइम बिजली खपत देख पाएंगे। डाटा उपलब्ध रहने से बिजली चोरी का पता लगाने में मदद मिलेगी। बैलेंस कम होने पर मीटर में अलार्म बजेगा। उपभोक्ता मीटर से पैन ड्राइव को निकाल कर उसे मोबाइल या फिर कंप्यूटर से कनेक्ट कर एप के माध्यम से घर बैठे रिचार्ज कर सकेंगे। प्रीपेड बिजली मीटर में सिर्फ पैन ड्राइव का प्रयोग होगा। इसकी खासियत यह है इसमें न सिम का प्रयोग होगा और न ही रेडियो फ्रीक्वेंसी की जरूरत पड़ेगी। पेन ड्राइव में बिजली खपत का डाटा सुरक्षित रहेगा। मीटर रीडिंग लेने और सर्वर पर अपलोड करने का मैन्युअल काम नहीं करना होगा।

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